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कà¥à¤› मामलों में रात के समय बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को इसलिठखांसी उठती है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि मà¥â€à¤¯à¥‚कस नाक के पीछे से गले में पहà¥à¤‚च जाता है। इससे रात को बार-बार खांसी उठती है। खांसी आने पर बचà¥â€à¤šà¥‡ के सिर के नीचे कà¥à¤› तकिठलगा दें और उसके सिर को ऊपर उठाकर रखें। इससे मà¥â€à¤¯à¥‚कस नीचे म उतरेगा और रात को खांसी कम आà¤à¤—ी।
​मालिश
इन मामलों में सरसों के तेल की मालिश बहà¥à¤¤ कारगर साबित होती है। à¤à¤• कटोरी में थोड़ा-सा सरसों का तेल लेकर गरà¥à¤® करें और थोड़ा लहसà¥à¤¨ कूटकर डाल दें। तेल के थोड़ा ठंडा होने पर शिशॠके गले, छाती, पीठ, हथेलियों और तलवों की मालिश करें।
सरसों का तेल शरीर को गरà¥à¤® रखता है और लहसà¥à¤¨ में à¤à¤‚टीमाइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होते हैं जो संकà¥à¤°à¤®à¤£ को दूर रखता है।
​तà¥à¤²à¤¸à¥€ और शहद
तà¥à¤²à¤¸à¥€ इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी को बढ़ाती है और सà¤à¥€ तरह के संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ से बचाती है। तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में कफ-निसà¥â€à¤¸à¤¾à¤°à¤• गà¥à¤£ होते हैं जो मà¥â€à¤¯à¥‚कस को पतला कर के छाती में कफ जमने से रोकता है। यह खांसी पैदा करने के वाली नसों पर à¤à¥€ काम करती हैं।
​तà¥à¤²à¤¸à¥€ के साथ शहद
वहीं दूसरी ओर शहद के à¤à¤‚टीबैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टीवायरल गà¥à¤£ इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ को दूर कर गले को आराम दिलाते हैं। आप तà¥à¤²à¤¸à¥€ के रस में शहद मिलाकर बचà¥â€à¤šà¥‡ को दे सकते हैं। इससे खांसी में काफी आराम मिलता है।
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